तेल नीर, तेल पसार चैरासी सहस्र डाकिनीर छेल, शरीर के अंगो पर तिल के होने का महत्त्व • रोली, कपूर, चंदन तथा गोरोचन समान मात्रा में मिलाकर गंगाजल में घोंटकर तिलक लगाने से देखने वाले व्यक्ति वशीभूत होते हैं। ‘‘ऊँ क्रीं वांछितं मे वशमानय स्वाहा।’’ Complete the Ritual: Keep to the https://www.youtube.com/@AacharyaGoldieMadan